Rajesh Kumar Ranjan / Sun, Jun 14, 2026 / Post views : 36
सुपौल, 14 जून। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रविवार को मुख्यमंत्री द्वारा पटना स्थित विद्युत भवन से राज्यभर में 2.5 लाख कुटीर ज्योति श्रेणी के उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के कार्य का शुभारंभ किया गया। इस योजना पर ₹1512 करोड़ की लागत आएगी। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र की ₹1278 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण भी किया गया।
इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सुपौल समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में किया गया। कार्यक्रम में सुपौल संसदीय क्षेत्र के सांसद दिलेश्वर कामैत, छातापुर विधायक नीरज कुमार सिंह, पिपरा विधायक रामविलास कामत, त्रिवेणीगंज विधायक सोनम रानी सरदार, जिलाधिकारी सावन कुमार, वरीय अपर समाहर्ता सच्चिदानन्द सुमन सहित विद्युत विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी एवं योजना के लाभार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना है। योजना के तहत कुटीर ज्योति श्रेणी के उपभोक्ताओं के घरों की छत पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल पूरी तरह निःशुल्क लगाया जाएगा।
सुपौल जिले में योजना के प्रथम चरण के तहत 11 प्रखंडों की 55 पंचायतों के कुल 7154 बीपीएल परिवारों का चयन किया गया है। जीविका दीदियों की सहायता से लाभार्थियों का सर्वेक्षण कर सहमति पत्र भी प्राप्त किए गए हैं। प्रत्येक लाभार्थी परिवार के घर पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जिससे प्रतिमाह लगभग 125 यूनिट बिजली का उत्पादन संभव होगा।
जिला प्रशासन के अनुसार योजना के तहत सोलर पैनल की खरीद, स्थापना एवं अन्य खर्च का वहन केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। वहीं चयनित एजेंसी ओसवाल पम्प्स लिमिटेड द्वारा सुपौल जिले में सोलर पैनलों की स्थापना के साथ-साथ अगले 10 वर्षों तक उनके रख-रखाव की जिम्मेदारी भी निभाई जाएगी।
योजना का शुभारंभ किशनपुर प्रखंड की राजपुर पंचायत से किया गया है। जिले के सभी 11 प्रखंडों में पांच-पांच पंचायतों का चयन कर कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि 1.1 किलोवाट क्षमता वाले एक सोलर संयंत्र की अनुमानित लागत लगभग 60 हजार रुपये है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 33 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 10 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा, जबकि शेष राशि का वहन चयनित एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे लाभार्थियों को बिना किसी आर्थिक बोझ के सौर ऊर्जा का लाभ मिल सकेगा।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने योजना को गरीब परिवारों के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन